Donald Trump threatens India with Hydroxychloroquine medicine

क्या है Hydroxychloroquine medicine जिसके कारण भारत एवं अमेरिका के बीच मतभेद उत्पन्न हुआ. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो इसके लिए भारत को धमकी तक दे डाली. परंतु भारत अपनी मर्यादा में ही रहा. उन्होंने ऐसी कोई जवाब पेश नहीं की.

कुछ दिनों से इस मुद्दे पर बड़ी बहस एवं चर्चे हुई. न्यूज़ चैनल और अखबारों ने इस विषय पर धड़ाधड़ आर्टिकल भी छापे. डोनाल्ड ट्रंप के फोन से लेकर कॉन्फ्रेंस से लेकर भारत के जवाब तक का पूरा सा खुलासा होने वाला है आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें.

Covid-198 अप्रैल तक संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में 12857 लोगों की मरने की रिपोर्ट थी वहीं 4 लाख से ज्यादा कोरना संक्रमित लोग. इटली और स्पेन के बाद यूएसए तीसरा ऐसा देश है जहां मरने वालों की तादाद सबसे ज्यादा है. अमेरिका पहला ऐसा देश बन चुका है जहां सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले हैं.

तीन-चार दिन पहले अमेरिका में तकरीबन 10000 लोगों की मरने की खबरें एवं तीन लाख से अधिक लोगों की कोरोना से संक्रमित होने की खबरें थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार कोरोना से लड़ने के लिए तरह-तरह के उपाय करते आ रहे हैं. अपने इन्हीं उपायों में पिछले महीने ही ट्रंप ने भारत से Hydroxychloroquine medicine की खेप भेजने की अपील की थी.

Trump talk about Hydroxychloroquine medicine from Indiaएक बार फिर से ट्रंप ने 5 अप्रैल को हाइड्रॉक्सीप्रोलाइन मेडिसिन के निर्यात को लेकर पीएम मोदी से बातचीत की थी. इस बात को उन्होंने 7 अप्रैल को व्हाइट हाउस से कहा था. ट्रंप ने कहा- “ऐसी कोई वजह नहीं कि भारत इस मेडिसिन को अमेरिका में निर्यात करने के लिए रोक लगाएं.

आगे फिर कहा-हम दोनों के बीच अच्छी बातचीत है हमेशा एक दूसरे का सहयोग करते आए हैं. अगर भारत, अमेरिका को Hydroxychloroquine भेजता है तो हम उनकी सराहना करेंगे. परंतु अगर भारत ऐसा नहीं करता है तो अब से वह भी हमसे ऐसा ही उम्मीद करें.

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि भारत कई वर्षों से अमेरिका से व्यापार में लाभ उठाता आया है. अमेरिका को दवाइयों का सबसे ज्यादा सप्लाई करने वाला देश है भारत. ऐसे में उन्हें बड़ी हैरानी होगी अगर इस पर प्रतिबंध लगाते हैं.

अमेरिका के इस धमकी पर भड़क उठे शशि थरूर. ट्विटर के जरिए कहा- “विश्व मामलों में मेरे दशकों के अनुभव में मैंने कभी किसी और राज्यप्रमुख या सरकार को ऐसे खुलेआम धमकी देते हुए नहीं सुना. भारत में बनाया जाने वाला Hydroxychloroquine medicine भारतवासियों की आपूर्ति के लिए है. मिस्टर प्रेसिडेंट यह आपकी तभी होगी जब भारतीय सरकार इसे बेचने का फैसला लें. बता दें शशि थरूर वर्तमान समय में तिरुअनंतपुरम केरला लोकसभा के सदस्य हैं. जो साल 2009 से ही कार्यरत हैं.

बता दें, भारत का बयान अमेरिकी चेतावनी के 6 घंटे बाद आया. भारत ने बताया, अमेरिका के अलावा श्रीलंका एवं नेपाल भी इस दवाई की मांग कर रहे हैं. हम उन देशों को दवाई उपलब्ध कराएंगे जहां कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा मामले हैं. सबसे पहले भारत अपने राष्ट्र के लोगों को देखेगा. इसके बाद निर्भर पड़ोसी देशों की मदद करेंगे, जहां कोरोना की महामारी फैली है.

Hydroxychloroquine medicineहमारी यह जानकारी अधूरी रह जाएगी यदि मैं आपको ना बताऊं कि यह Hydroxychloroquine medicine है क्या? जिसके कारण इतना बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ.

Hydroxychloroquine medicine भारत में उत्पाद की जाने वाली एक मेडिसिन है, जिसे मलेरिया के रोगियों के उपचार में उपयोग की जाती है. आए दिन भारत में मलेरिया के कारण लोग मर जाते हैं. यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है.

यह भी पढ़ें:- AMS App क्या है? जिससे, लॉकडाउन के बावजूद BCCI खिलाड़ियों की फिटनेस पर बनाए हुए हैं नजर

अब आप यह सोच रहे होंगे कि यह तो मलेरिया की दवा है तो फिर कोरोना के खिलाफ लड़ने में कैसे उपयोगी है? बता दें, इस दवाई ने कोरोना के मरीजों पर असर दिखाया है. मरीजों में सुधार होती हुई दिखाई दे रही है. Hydroxychloroquine medicine को अमेरिका के 15 मरीजों में भी उपयोग किया गया. उनकी भी सुधार हुई है. हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवाई को नासा के मेडिकल डिपार्टमेंट ने भी कोरोना के मरीजों पर कारगर बताया है.

अमेरिका इस दवाई को निर्यात करने के लिए दो कारणों से जोर दे रहा है. पहला कारण- यह दवाई कोरोना के मरीज में असर दिखा रहा है. उनके हालात सुधर रहे हैं. दूसरा कारण- हाइड्रोक्सीक्लोक्वाइन की दवाई काफी सस्ती है इसे कम कीमतों पर निर्यात किया जा सकता है.

देखें वीडियो:-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here