Dhoni won the World Cup 2011

2 अप्रैल 2011, दिन था शनिवार और मैदान था वानखेडे का. मैदान पर एशिया महाद्वीप की 2 टीम भारत और श्रीलंका आमने-सामने थी. कप्तान की कमान थी महेंद्र सिंह धोनी के हाथ. फिर क्या, धोनी ने खेली एक मैच विनिंग पारी और साल 2011 का World Cup Trophy भारत के नाम कर दी.

धोनी के छक्के से भारत ने जीता World Cup Trophy 2011

Dhoni won World Cup Trophy 2011धोनी को मैच जिताने का अनुभव साल 2007 में ही आ गया था. जब उन्होंने वर्ल्ड t20 को जीता कर भारत का नाम रोशन किया. साल 2011 के वर्ल्ड कप में भी महेंद्र सिंह धोनी कप्तान चुने गए. टीम इंडिया ग्रुप बी से खेल रहे थे वहीं श्रीलंका ग्रुप ए से. भारत कड़ी संघर्षों के बाद फाइनल में पहुंचा था. वहीं श्रीलंका का दबदबा भारत के मुकाबले ज्यादा था.

Sri Lanka lost World Cup 2011फाइनल के रोमांच का सबको इंतजार था. मैच प्रारंभ हुआ श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की. तिलकरत्ने दिलशान जो बेहतरीन फॉर्म में चल रहे थे 33 रन बनाकर आउट हो गए परंतु स्थान संगकारा ने पारी को संभाला और 67 गेंदों पर 48 रन बनाए. महिला जयवर्धने ने लगाया ताबड़तोड़ शतक. 88 गेंदों का सामना कर 103 रन ठोके थे. छह विकेटों के नुकसान पर श्रीलंका ने 276 रन ठोक डाले.

अब थी भारत की बारी. भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर का बल्ला बोल रहा था. परंतु फाइनल में उनके बल्ले से केवल 18 रन निकले. तीसरे नंबर पर पारी संभालने आए गौतम गंभीर ने 122 गेंदों पर 97 रन ठोक डाले. 3 रनों से शतक से चूके थे. नंबर चार पर बल्लेबाजी करने आए कोहली 49 गेंदों पर 35 रन बना पाए. पांचवे नंबर पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करने आए. आने के साथ ही श्रीलंकाई गेंदबाजों की हालत पतली कर दी. केवल 79 गेंदों का सामना करते हुए 91 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. नॉट आउट भी रहे. इस दौरान उनके बल्ले से 8 छक्के और 2 चौके आए थे. धोनी के साथ युवराज सिंह बल्लेबाजी कर रहे थे. वह 24 गेंदों पर 21 रन बनाकर नॉट आउट रहे.

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World Cup 2011 फाइनल का असली रोमांच

Hitting six and end the game all world cup 2011 finalअसली रोमांस तो अभी रह गई. भारत को 3 ओवर में जीत के लिए 14 रनों की दरकार थी. 48 ओवर में धोनी के दो चौके एवं दो इक्के से 10 रन बन गए थे. 49 वां ओवर कुलासेकरा लेकर आए. पहली ही गेंद पर युवराज ने एक्का चुराकर धोनी को स्ट्राइक दी. दूसरी ही गेंद पर धोनी ने एकदम स्क्रीन की ओर उठा कर दे मारा छक्का. और इस तरह धोनी ने रोमांचित तरीके से फाइनल को समाप्त किया और भारत को दिला दी World Cup Trophy.

एकमात्र भारतीय गेंदबाज जिन्होंने फाइनल में 3 मेडन ओवर फेंके है वह है जहीर खान. जहीर ने 2, युवराज ने 2 एवं हरभजन ने 1 विकेट लिए थे. जीत के सुपर हीरो रहे महेंद्र सिंह धोनी ‘मैन ऑफ द मैच’ से नवाजे गए वहीं टूर्नामेंट ऑफ द सीरीज का खिताब युवराज सिंह को मिला.

World Cup 2011 में बने कुछ बड़े रिकॉर्ड्स जो इस प्रकार हैं:-

Best player World Cup 2011 except Dhoni

 

1. साल 2011 के ODI World Cup में एक इनिंग में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग रहे. जिन्होंने 140 गेंदों का सामना करते हुए 175 रन बांग्लादेश के खिलाफ ठोके थे. जिसमें 14 चौके एवं 5 छक्के शामिल थे.

2. सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान रहे. उन्होंने 5 इनिंग्स में 62.50 की औसत से 500 रन बनाए थे. दूसरे स्थान पर सचिन तेंदुलकर थे जिन्होंने 9 इनिंग्स में 53.55 की औसत से 482 रन बनाए थे.

3. इस धमाकेदार सीरीज में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज रहे रॉस टेलर रहे, जिन्होंने 14 छक्के जड़े थे. चौथे स्थान पर सचिन तेंदुलकर का नाम रहा जिन्होंने 8 छक्के लगाए थे.

4. वर्ल्ड कप 2011 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले बल्लेबाज शाहिद अफरीदी रहे. इन्होंने 8 इनिंग्स में 3.62 इकोनामी से 21 विकेट चटकाए थे. दूसरे स्थान पर जहीर खान रहे जिन्होंने 9 इनिंग्स में 4.83 इकोनामी से 21 विकेट चटकाए थे.

5. बेहतरीन गेंदबाजी फिगर वेस्टइंडीज के केमार रोच के नाम रहा. इसने 8.3 ओवरों में 27 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे. इस लिस्ट में चौथे स्थान पर युवराज सिंह का नाम है जिन्होंने 10 ओवरों में 31 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे.

6. इस बड़े सीरीज में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकॉर्ड भारत के नाम रहा. भारत ने चार विकेटों के नुकसान पर बांग्लादेश के खिलाफ 370 रन ठोक डाले थे.

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